जन्माष्टमी का त्यौहार सभी हिन्दुओं के लिए एक बहुत ही प्रमुख त्यौहार होता है इसे भगवान कृष्ण की जयंती के रूप में मनाया जाता है इसी लिए इसे कृष्ण जन्माष्टमी कहते हैं। जन्माष्टमी को सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीय भी बड़ी आस्था और उल्लास के साथ मनाते हैं।
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी श्रावण माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र में पडती है। इनके पिता का नाम वासुदेव और माता का नाम देवकी था। यह त्यौहार अगस्त या सितम्बर में पड़ता है।
मातृत्व उपहार के लिए सभी विवाहित औरतें इस दिन वृत रखती हैं। ऐसा माना जाता है कि जो जन्माष्टमी के दिन पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ इस वृत को पूरा करती हैं उन्हें इस वृत का फल एक बच्चे के आशिर्वाद के रूप में मिलता है।
लोग सूर्योदय से पहले उठकर नहा-धोकर साफ-सुथरे वस्त्र पहनकर तैयार हो जाते हैं। वे कृष्ण के मन्दिर जाते हैं और प्रसाद , धूप , बत्ती , दिया , फूल , फल , भोग और चन्दन चढाते हैं। वे भक्त गीतों को गाते हैं बाद में वे कृष्ण जी की मूर्ति की घी के दिए से आरती उतारते हैं
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म दिन को बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है जन्माष्टमी को श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।
जन्माष्टमी के दिन देश में कई जगहों पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है। दही हांड़ी में सभी जगह के बालक भाग लेते हैं। हांड़ी को छाछ और दही से भर दिया जाता है और इसे एक रस्सी की मदद से आसमान में लटका दिया जाता है।
जिस दिन श्री क्रष्ण जन्माष्टमी होती है उस दिन मन्दिरों को खासतौर पर सजाया जाता है। जिस दिन जन्माष्टमी होती है तब पूरा दिन वृत रखने का विधान होता है। जन्माष्टमी पर सभी लोग 12 बजे तक वृत रखते हैं। जन्माष्टमी के दिन मन्दिरों में झाकियाँ सजाई जाती हैं और भगवान श्री कृष्ण को झूला झुलाया जाता है।
मथुरा , वृंदावन और ब्रज के अन्य नगरों में यह त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर तीन -चार दिन पहले से ही मन्दिर सजने शुरू हो जाते हैं। जन्माष्टमी के दिन मन्दिर की शोभा चरमोत्कर्ष पर पहुंच जाता है।
हमे श्री कृष्ण के संदेशों को अपनाना चाहिए। जब जब संसार में कष्ट , पाप , अनाचार और भ्रष्टाचार बढ़ता है उसे खत्म करने के लिए कोई न कोई बड़ी शक्ति भी जरुर जन्म लेती है। इसीलिए मनुष्य को हमेशा सत्कर्म में ही लगे रहना चाहिए।
0 comments:
Post a Comment
Click to see the code!
To insert emoticon you must added at least one space before the code.