प्रस्तावना: आज हमारे देश में कई योजनाए है। 2009 और 2010 की गरीबी आंकड़े कहते हैं कि पिछले 5 साल के दौरान भारत में गरीबी 37.2 फीसदी पर आ गई है, परंतु क्या सच में हमारे देश में गरीबी की कुछ आंकड़े ही कम होने से गरीबी खत्म हो जाती है ? नहीं ऐसा नहीं है! आज भी हमारे देश में इतनी गरीबी है कि गरीब व्यक्ति को अपने घर पर दो वक्त की रोटी के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है ना तो वो धुप देखता है ना वह बारिश देखता है। वो भी बस घर का चुल्हा जलाने के लिए उसे जंगल में जाना पड़ता है। उसे लकड़ी काटने पड़ता है। उसे इकठ्ठा करना पड़ती है। उनके सामने बहुत मुश्किलें होती है पर वह अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए कड़ी मेहनत करते है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उनकी इसी मेहनत को कम करने के लिए उनके लिए एक योजना बनाई है जिसे “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना PMUY” के नाम दिया गया है जिससे वह अपने घर का चुल्हा आसानी से जला सके और अपने घर में आसानी से खाना खा सके यह उन गरीब लोगों के लिए है जिनके पास गैस कनेक्शन की सुविधा नहीं होती है।
उज्ज्वला योजना कब प्रारंभ हुई: मजदूर दिवस के रूप में 1 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का प्रारंभ किया। इस योजना के अंतर्गत 5 करोड़ लोग जो गरीबी रेखा के नीचे आते हैं उन परिवारों को मुफ्त में LPG का कनेक्शन दिया जाएगा प्रधानमंत्री जी की योजना सरकारी और बहुत ही उपयोगी योजना है जो गरीब लोगों के लिए है।
इस योजना को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत चलाया जा रहा है इस योजना के लिए 8000 हजार करोड़ का बजट रखा गया है जो कि 2019 तक पूरा करने की योजना है जिसके तहत सभी गरीबी रेखा के नीचे आने वाले व्यक्तियों के पास गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना है।
उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य: इस योजना का मुख्य उद्देश्य पूरे भारत को स्वच्छ बनाना है और स्वच्छ भारत अभियान की मुहीम को हमारे दैनिक जीवन में लाना। कुछ हद तक पेड़ पौधे को कटने से बचा सकते है। LPG द्वारा अपनी जरूरते पूरी कर सकते है। हमारे भारत में अधिकतर ग्रामीण अभी भी अशुद्ध जीवाश्म ईंधन का प्रयोग करते हैं जिससे हमारे चारों तरफ का वातावरण में अशुद्ध हवा से प्रदूषित होती है और साथ ही उन महिलाओं के लिए भी है जो इसका प्रयोग करके बीमार होती है इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा जिससे वह स्वस्थ रहें इसके मुख्य उद्देश्य है जैसे।
(1) जीवाश्म ईंधन के प्रयोग से होने वाले प्रदूषण को रोकना।
(2) अशुद्ध इंधन का प्रयोग करने से होने वाली मौतों को रोकना।
(3) घर के अंदर इन अशुद्ध ईधन का हवा के रुप में बच्चों के स्वास्थ्य पर खराब असर होता है जिससे कई बीमारियां होती है उन्हें रोकने के लिए LPG का प्रयोग करना।
(4) जीवाश्म ईंधन का प्रयोग करके खतरनाक बीमारियों से बचाव।
(5) और खासकर ये योजना हमारे देश के उन महिलाओं के लिए जो जीवाश्म ईंधन का प्रयोग करके घातक बीमारियों का शिकार होती हैं।
(6) इसका एक उद्देश्य और भी है कि इससे उस जीवाश्म का कम प्रयोग होगा जिससे वायु प्रदूषण होता है सरकार का एक उद्देश्य ये भी है।
उज्ज्वला योजना के लिए आवेदन कैसे करें: योजना का आवेदन के लिए कोई भी BPL परिवार की महिला कर सकती है इसके लिए के.वाई.सी. फॉर्म भर के नजदीकी LPG केंद्र में जमा कर सकते हैं आवेदन के लिए 2 पेज का फॉर्म होता है और उसमें जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है जो जो कि सभी के पास आसानी से उपलब्ध होता है और आवेदन करते समय महत्वपूर्ण बात यह होती है कि आपको बताना होता है कि आप 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर लेना चाहते हैं या 5 किलोग्राम का सिलेंडर लेना चाहते हैं यह बात जरूरी होती है।
उज्ज्वला योजना के लिए कौन पात्र होता है: उज्ज्वला योजना के लिए निम्न वर्ग का होना जरूरी होता है तभी पात्र घोषित होगा ,सरकार का उद्देश्य गरीबी रेखा के नीचे आने वाले व्यक्ति इस के लिए मान्य होते है ताकि कोई भी इसका गलत इस्तमान ना कर सके।
इसके लिए निम्न कार्य किया जाता है।
(1) सभी दस्तावेजों को एस.ई.सी.सी. द्वारा 2011 के डाटा के साथ मिलाया जाता है।
(2) आवेदन की उम्र 18 साल से अधिक नहीं होना चाहिए।
(3) आवेदन के घर में कोई अन्य LPG का कनेक्शन नहीं होना चाहिए।
(4) और यह केवल महिलाओं को ही दिया जाता है जो कि BPL परिवार से संबंध रखती हो।
(5) यह योजना पुरुषों के लिए नहीं लागू होती है।
(6) BPL और राशन कार्ड होना आवश्यक है।
(7) और सभी जानकारी सत्य और ठीक होनी चाहिए।
उपसंहार: हमारे देश में हमारी भारत सरकार ने बहुत सारी योजनाएं चलाई है जिससे गरीबों/मध्य वर्गी लोगो को काफी मदद मिलती है। उसमें यह जो “उज्ज्वला योजना” ह
0 comments:
Post a Comment
Click to see the code!
To insert emoticon you must added at least one space before the code.