Ganga Pradushan | Pollution Of River Ganges
गंगा नदी भारत की प्राचीन नदियों में से एक है और इसका अपना एक इतिहास है । यह नदी सब भारतीयों की एक आस्था का भी प्रतीक माना जाता है इसलिए यह सिर्फ एक नदी नहीं है। यह नदी हिमालय की गोद से निकल कर मैदानी इलाको में आती है।
इन नदियों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है क्योंकि इन नदियों से ही भूमि उपजाऊ बनती है। इसके इलावा इन नदियों के पानी से हमारी दिनचर्या भी पूरी होती है जैसे की पीने के लिए,नहाने के लिए, पेड़-पौधों के लिए,जीव-जंतुओं के लिए आदि ।
भारत में गंगा को गंगा मईया के नाम से भी जाना जाता है परन्तु अब ये नदी प्रदूषित हो गई है । आज के समय में गंगा को मैली करने में हम सब का बहुत योगदान है। बच्चे के मुंडन से ले के की राख को इस गंगा नदी में बहाया जाता है। इसके इलावा शहर का सारा गंद और कारखानो से निकलने वाले जहरीले पर्दाथ भी इस नदी में बहा दिए जाते है। अब इस गंगा नदी का पानी पिने लायक भी नहीं रहा है ।
सरकार और कई संस्थाये इसे साफ़ करने के कई उपाय निकाल रही है और तो और हर साल इसे साफ़ करने के लिए लाखों अरबो पैसे खर्च किये जाते है परन्तु इसकी स्तिथि में कोई सुधार नहीं दिख रहा और अगर इस नदी का यही हाल रहा तो एक दिन ये नदी का पानी पूरी तरह से प्रदूषित हो जयेग। हम सबको प्रण लेना चाहिए की हम इसे साफ़ रखने में अपना पूरा योगदान दे।
गंगा नदी भारत की प्राचीन नदियों में से एक है और इसका अपना एक इतिहास है । यह नदी सब भारतीयों की एक आस्था का भी प्रतीक माना जाता है इसलिए यह सिर्फ एक नदी नहीं है। यह नदी हिमालय की गोद से निकल कर मैदानी इलाको में आती है।
इन नदियों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है क्योंकि इन नदियों से ही भूमि उपजाऊ बनती है। इसके इलावा इन नदियों के पानी से हमारी दिनचर्या भी पूरी होती है जैसे की पीने के लिए,नहाने के लिए, पेड़-पौधों के लिए,जीव-जंतुओं के लिए आदि ।
भारत में गंगा को गंगा मईया के नाम से भी जाना जाता है परन्तु अब ये नदी प्रदूषित हो गई है । आज के समय में गंगा को मैली करने में हम सब का बहुत योगदान है। बच्चे के मुंडन से ले के की राख को इस गंगा नदी में बहाया जाता है। इसके इलावा शहर का सारा गंद और कारखानो से निकलने वाले जहरीले पर्दाथ भी इस नदी में बहा दिए जाते है। अब इस गंगा नदी का पानी पिने लायक भी नहीं रहा है ।
सरकार और कई संस्थाये इसे साफ़ करने के कई उपाय निकाल रही है और तो और हर साल इसे साफ़ करने के लिए लाखों अरबो पैसे खर्च किये जाते है परन्तु इसकी स्तिथि में कोई सुधार नहीं दिख रहा और अगर इस नदी का यही हाल रहा तो एक दिन ये नदी का पानी पूरी तरह से प्रदूषित हो जयेग। हम सबको प्रण लेना चाहिए की हम इसे साफ़ रखने में अपना पूरा योगदान दे।
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