गणेश चतुर्थी का दिन विनायक चतुर्थी या विनायक चौथ के नाम से भी जाना जाता है, यह पर्व गणेश चतुर्थी के दिन से शुरु होकर पूरे दस दिन तक बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है।
भारत में अंग्रेजी शासन के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर त्योहार मनाने को लेकर कई तरह की पाबंदिया लगा दी गई थी। 1893 में बाल गंगाधर तिलक ने गणेश चतुर्थी के त्योहार को पुनर्जीवित किया और इसे निजी घरेलु समारोह के जगह एक भव्य सामाजिक तथा सार्वजनिक आयोजन का रुप दिया।
गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों मे से एक है। इस त्योहार के दौरान हर तरफ सिर्फ गणपति बप्पा मोरिया का जयकारा सुनने को मिलता है। इस त्योहार की शुरुआत घरो की साफ-सफाई और सजावट के साथ शुरु होती है। महीनों पहले से ही कलाकारों द्वारा प्रतिमाओं का निर्माण शुरू कर दिया जाता है
ऐसा माना जाता है कि इस त्योहार पर गणपति स्थापना के साथ भगवान गणेश अपने भक्तों के लिए सौभाग्य लाते हैं
भगवान गणेश को ज्ञान और विघ्नों को दूर करने वाला देवता माना गया है। इसलिए गणेश चतुर्थी पर्व को मनाने का महत्व और भी बढ़ जाता है।
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