बैसाखी सिख और हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है इसे सम्पूर्ण उत्तर भारत में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है।यह त्योहार प्रत्येक वर्ष ज्यादातर 13 अप्रैल को मनाया जाता है।
इस दिन को बहुत शुभ माना जाता है यह दिन हर वर्ष खालसा पंथ के गठन की याद में मनाया जाता है।
सिख भी इसे फसल काटने के उत्सव के रूप में मनाते हैं। यह एक प्राचीन हिंदू त्योहार है जो सौर नव वर्ष को चिह्नित करता है।
यह देश के विभिन्न भागों में बहुत जोश से मनाया जाता है। गुरुद्वारों को इस दिन पूरी तरह से रोशनी और फूलों से सजाया जाता है और इस शुभ दिन को मनाने के लिए कीर्तनों का आयोजन किया जाता है।
सिख लोग इस दिन नए कपड़े पहनते हैं और अपने स्थानीय गुरुद्वारों में प्रसाद और प्रार्थना करते हैं। बहुत से लोग पंजाब में अमृतसर में स्थित स्वर्ण मंदिर भी जाते हैं जो सिख धर्म में सबसे शुभ गुरुद्वारा माना जाता है।
हिंदू गंगा, कावेरी और झेलम जैसी पवित्र नदियों में डुबकी लेने और मंदिरों में जाकर इस त्यौहार को मनाते हैं।
इस त्यौहार का मूल उद्देश्य है प्रार्थना करना, एकजुट रहना और अच्छे भोजन का आनंद लेना है।
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